पितृ दिवस "फादर्स डे "

फादर्स डे एक  सम्मानजनक दिवस हैं"फादर्स डे " पर मैं अपने  पिता को धन्यवाद देना चाहूंगा क्योंकि मेरे पिता ही वो इंसान हैं जिन्होंने मेरी जिन्दगी के हर पल पर मेरा साथ दिया और प्रेरित किया और हां मैं यह भी जानता हूं की आप लोग भी आपने पिता को देखकर प्रेरित हुवे होंगी।और इस "फादर्स डे "पर मैं आपको एक कहानी सुनाना चाहता हूं मेरी कहानी इस परकार हैं
     एक गरीब परिवार था उस उस परिवार में पांच लोग रहते थे जिस मैं तीन बच्चे थे  उन मैं से बड़े बेटे का नाम "राजू ",छोटे बेटे का नाम "रामू",और सबसे छोटे बेटे का नाम "बाबू".एक दिन पिता ने बड़े बेटे को बुलाया और बोले यह लो इस पैंट देकर बोले जाओ इसे बाजार में बेचे के आओ बेटे ने पिता को ना नही बोला और बाजार चले गया और शाम तक किसी परकार उस पैंट को बैच आया और अगले दिन पिता जब काम से घर लोटे तो बीच वाले बेटे ने अपने पिता को दर्द में देखा की वो किस परकार आपने बच्चों को सारी चीज नही दे पाते और इसे सुन कर बेटे दुखी हो गया और उसने कसम खाई की मैं आपने पिता की तरह खूब लगन से महनेत करूंगा और उन्होंने हर चीज दिलुंग्य और एक दिन तीनों बच्चे बड़े हुवे और बहुत बड़े आदमी बन गए ,और उनकी इस सफलता के पीछे उनके पिता का त्याग और माता  के संस्कार थे 
   इस कहानी से एक सिख जरूर मिलती हैं की आपके हर सफलता के पीछे आपके पिता और माता का बहुत बड़ा हाथ होता हैं और मेरी जिन्दगी मैं मेरे माता पिता के बिना सोच भी नहीं सकता और आप सब लोग जो भी मेरे इस लेखन को पढ़ रहे आप सब से निवेदन हैं की अपने माता को पिता को प्यार दे और उनके माता पिता का सामना करें।
         धन्यवाद

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